तेल के मूल्यों में आई गिरावट को देखते हुए वैश्विक अर्थव्यवस्था के प्रति फिर से चिंता पैदा हो
गयी है.
अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेन्सी ने आज कहा है पूरे विश्व में सरकारों के विशाल प्रोत्साहन
कार्यक्रम के बावजूद उसे संदेह है कि अर्थव्यवस्था में कोई सुधार आया है.परिणाम स्वरुप आइ ई
ऐ ने कहा है कि इस वर्ष तेल की मांग में कमी आयेगी.
भविष्य में सप्पलाई किये जाने वाले कच्चे तेल का दाम गिरकर ६०$ प्रति बैरल पर आ गया है.
इस सप्ताह तेल के मूल्य में ११ प्रतिशत गिरावट आई है. तेल उद्दोग के जानकारों का कहना है
कि जनवरी के बाद तेल के मूल्यों में ये गिरावट की गति अपने सरवोच्च स्तर पर है.
ये गिरावट हाल के दिनों में पूंजी निवेशकों की इस चिंता के बाद आरम्भ हुई कि बेरोजगारी में
वृद्धी के कारण उपभोक्ताओं ने खर्च में कमी की है जिसका प्रभाव मांग पर पडेगा.