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फुल्ब्राईट प्रोग्राम भारत अमेरिकी के बीच शिक्षा के आदान प्रदान को बढावा
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10/08/2009
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 | Fulbright Scholar Program
| १९४६ के दशक से फुल्ब्राईट प्रोग्राम अमेरिका और विश्व के अन्य देशों के
बीच छात्रों और शिक्षा के आदान प्रदान को बढावा दे रहा है. १९५० से भारत
भी इस प्रोग्राम में शामिल है और ४ जुलाई २००८ से तो भारत सरकार ने इस
कार्यक्रम में बराबरी की साझेदारी निभाने का वादा किया है. भारत में
फुल्ब्राईट प्रोग्राम अब फुल्ब्राईट नेहरू प्रोग्राम के नाम से जाना
जायेगा. भारत अमेरिका के बीच बढ़ती दोस्ती के चलते इस कार्यक्रम में आए
बदलावों के बारे में अमेरिकी विदेश मंत्रालय की उप सहायक विदेश मंत्री
अलीना रोमानोव्स्की ने वीओए को बताया की भारत के इसमें साझेदार होने से
प्रोग्राम को एक नई संजीवनी मिली है और अब इस प्रोग्राम के तहत विज्ञान,
शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज शास्त्र, अनुसंधान, तथा अंग्रेज़ी और अन्य भाषाओं
जैसे कई विषयों का अभ्यास करने वाले छात्र अब एक दूसरे के देश में जाकर
अध्ययन कर सकेंगे. उन्हें ये प्रोग्राम पुरस्कृत करेगा. फुल्ब्राईट
प्रोग्राम के तहत भारत से अमेरिका आए ऐसे ही एक स्कॉलर राजेश पांडे से
हमने बात की. राजेश भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं और दार्जिलिंग
जिले के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट भी रह चुके हैं. राजेश से हमने इस
प्रोग्राम के बारे में और इसके फायदों के बारे में पूछा. साथ दी हुई लिंक
को क्लिक करके आप यह बातचीत देख सकते हैं.
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