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स्वॉइन फ्लू की जांच और उपचार के लिये नये दिशा-निर्देश जारी
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By कृष्णानन्द त्रिपाठी
15/08/2009
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 | | Google employees wait outside Government Chest Hospital to take tests for H1N1 virus, in Hyderabad, 15 July 2009 |
फ्लू की जांच के लिये अस्पतालों में बढ़ती भीड़ और अनावाश्यक होने पर भी लोगों द्वारा टैमीफ्लू की मांग करने से, फ्लू के विषाणु में ,इसके प्रति प्रतिरोध क्षमता विकसित होने की संभावना को देखते हुये, सरकार ने फ्लू के परीक्षण और उपचार को लेकर नये दिशा-निर्देश जारी किये हैं.
नये नियमों के अनुसार रोगियों को तीन श्रेणियों में रखा गया है. जिन रोगियों को मामूली ज्वर, खांसी, गले में तकलीफ है उन्हें टैमीफ्लू नहीं दी जायेगी. चिकित्सक उनकी स्थिति पर नज़र जरूर रखेंगे लेकिन उन्हें केवल संबंधित रोगों की ही दवाइयां दी जायेंगी...और स्वॉइन फ्लू की पुष्टि के लिये उनकी जांच भी नहीं की जायेगी.
दूसरी श्रेणी में वो रोगी होंगे जिन्हें संबंधित लक्षणों के अलावा तेज ज्वर होगा. उन्हें घर पर ही अन्य लोगों से अलग रखा जायेगा...उन्हें टैमीफ्लू दी जायेगी लेकिन स्वॉइन फ्लू के लिये उनकी भी जांच नहीं की जायेगी.
5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं और अन्य दूसरी जटिलताओं वाले मरीजों को खतरे वाली श्रेणी में रखा गया है और मामूली ज्वर होने पर भी इन्हें टैमीफ्लू दी जायेगी.
उपरोक्त दोनों ही श्रेणियों में मरीजों को घर में ही एकान्त में रखा जायेगा.
तीसरी श्रेणी में उन रोगियों को रखा गया है जिन्हें फ्लू के लक्षणों के साथ सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, ब्लड प्रेशर में कमी के साथ नाखून रंगहीन होने के लक्षण पाये जायेंगे. इन रोगियों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कर फ्लू के लिये उनकी जांच और इलाज किया जायेगा.
टिप्पणियां :
1. स्वाईन फ्लु
सरकार द्वारा जारी किया गया दिशा निर्देश अस्पस्ट है।
Submitted by: राजीव (INDIA)
08-16-2009 - 02:25:16
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