भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार के पहले संकेत मिलने लगे हैं. इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था में ६.१ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. पिछले साल सितंबर में दुनिया के आर्थिक मंदी की चपेट में आने के बाद से किसी भी तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था में ये सबसे ज्यादा वृद्धि है.
केंद्रीय सांख्यिकीय संस्थान के आंकड़ों के अनुसार अभी भी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और होटल उद्योग को मंदी के असर से पूरी तरह से बाहर आने में समय लगेगा. आंकड़ों के अनुसार पिछली दो तिमाहियों में भारतीय अर्थव्यवस्था में वृद्धि की दर ५.८ प्रतिशत ही रही थी. जबकि इस बार इसमें मामूली सुधार हुआ है. हालांकि पिछले वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में ७ .८ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी.
ताजा आंकड़ो के अनुसार आर्थिक विकास में बढ़त के मामले भारत अभी भी दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में दूसरे स्थान पर है. चीन अप्रैल-जून तिमाही में ७.९ प्रतिशत की वृद्धि के साथ पहले स्थान पर है.
हालांकि अर्थव्यवस्था में बढ़ोत्तरी के आंकड़े आने के बाद भी पूंजी बाजार में गिरावट दर्ज की गई. संवेदनशील सूचकांक बीएसई सेंसेक्स में सोमवार के कारोबार में २२० अंकों की गिरावट देखी गई.