भारत ने कहा है कि जी-20 देशों की शिखर बैठक से संरक्षणवाद के विरुद्ध कठोर संदेश दिये जाने की जरूरत है. शिखर बैठक में भाग लेने के लिये बुधवार को अमेरिका के पिट्सबर्ग शहर रवाना होते समय प्रधानमंत्री ने कहा सभी तरह के संरक्षणवाद को खत्म किया जाना चाहिये...इसके अलावा अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों में सुधार की प्रक्रिया को भी शीघ्रता से आगे बढ़ाने की जरूरत है.
अमेरिका रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री ने एक वक्तव्य में कहा, "विश्व अर्थव्यवस्था के प्रबंधन में हिस्सा लेना भारत के लिये बेहद जरूरी है...इसमें हमारा अपना हित है...इसके अलावा इस क्षेत्र में योगदान देने के लिये भारत के पास बहुत कुछ है."
उन्होंने कहा कि भारत की इच्छा है कि इस शिखर बैठक से सभी प्रकार के संरक्षणवाद के खिलाफ कठोर संदेश दिया जाये...चाहे वो वस्तुओं के क्षेत्र में हो सेवाओं के क्षेत्र में. उन्होंने कहा कि निवेश और धन के प्रवाह में भी संरक्षणवाद को समाप्त किया जाना चाहिये.
इस शिखर बैठक में डॉ. सिंह जापान के नये प्रधानमंत्री यूकियो हातोयामा और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा सहित कई विश्व नेताओं से मिलेंगे. भारतीय प्रधानमंत्री अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के प्रबंधन में भारत जैसे देशों की भागीदारी को बढ़ाने के लिये सदस्य देशों के नेताओं से कहेंगे.