सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव द्वारा न्यायालय की अवमानना करने के लिये उनके खिलाफ कार्यवाही प्रारंभ करने का आदेश दिया है. न्यायालय ने मायावती सरकार द्वारा लखनऊ में बनाये जा रहे स्मारकों और मूर्तियों के निर्माण को रोकने का आदेश दिया था. न्यायालय ने आज की सुनवाई में माना की राज्य के मुख्य सचिव ने उसके आदेश की घोर अवहेलना की थी.
न्यायाधीश बी. एन. अग्रवाल और आफताब आलम की खण्डपीठ ने कहा, "दोनों पक्षों की दलील सुनने और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव द्वारा दायर किये गये शपथ पत्र को देखने के बाद हम प्रथमद्रृष्टया इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के लिये बहुत ठोस कारण हैं."
न्यायालय ने कहा, "मुख्य सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी करके उनसे पूछा जाये कि क्यों नहीं उनके खिलाफ इस न्यायालय की अवमानना की कार्यवाही शुरू की जाये."
न्यायालय ने मुख्य सचिव को आदेश दिया है कि वो 4 नवंबर को उसके समक्ष प्रस्तुत होकर इस संबंध में अपना पक्ष रखें.