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ताईवान को अमरीकी अस्त्रों की बिक्री,चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा
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31/01/2010
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 | | China's Foreign ministerYang Jiechi | चीन के विदेशमंत्री ने कहा है की अमरीका की ताईवान को अस्त्र बेचने की
योजना, चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा और उसके पु्र्न-एकीकरण के प्रयासों को
ठेस पहुंचाएगी.
रविवार को अपनी एक टिप्पणी में विदेशमंत्री यंग जिएची ने साईप्रस में कहा
कि चीन इस कदम का कड़ा विरोध करता है, ये अमरीका की इस प्रतिबद्धता के
विरुद्ध है कि वह जल- डमरूमध्य में शांतिपूर्ण विकास का समर्थन करता है.
अमरीकी विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता पी.जे. क्राउली ने शनिवार को कहा था कि
ताईवान के प्रति अमरीका की नीति उस क्षेत्र में स्थायित्व और सुरक्षा लाने
में योगदान की है.
अमरीकी अधिकारियों ने शुक्रवार को ये घोषणा की थी कि ताईवान को उसकी ६.४
अरब डालर के सैनिक उपकरण बेचने की योजना है.चीन के रक्षामंत्री ने कहा है
ये बिक्री, चीन और अमरीका के सम्बधों को गहरा आघात पहुंचाएगी.
शानिवार को चीन ने अमरीका के साथ सैंन्य आदान-प्रदान और सुरक्षा वार्ताएं
किया जाना स्थगित कर दिया था. साथ ही चीन ने ये धमकी भी दी थी कि, जो
अमरीकी कम्पनियां ताईवान को अस्त्र बेचेंगी उन पर प्रतिबन्ध लगाये जायेंगे.
उधर ताईवान में राष्ट्रपति मां यिंग-जेयोऊ ने कहा है कि अस्त्रों के इस
सौदे से द्वीप में प्रतिरक्षा को प्रोत्साहन मिलेगा और इससे सुरक्षा की
भावना बढ़ेगी.
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टिप्पणियां :
1. चीन की चिंता
क्षेत्र मे शांन्ति व स्थिरता की प्रगती तभी संभव हॆ जब चीन ताइवान की स्वंत्रता ओर सप्रभुता का सम्मान करे ना की ताइवान की जनता के विरुध अपनी शर्ते उस पर थोपे। चीन का व्यवहार ताइवान के प्रति एक शान्तिपुर्ण पड़ोसी का होना चाहिए। ना कि आक्रामक पड़ोसी जेसा। ताइवान को शस्त्र आपुर्ति का फ़ॆसला उसकी सुरक्षा जरुरतो को देख कर लिया गया हॆ। इसमे किसी दुसरे देश को ड़राने-धमकाने का कोई इरादा नही हॆ।
Submitted by: harish bist (india)
01-31-2010 - 17:09:59
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