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| AFP-Tibet Dalai Lama Feb.2,10 |
तायवान, इंटरनेट सेन्सरशिप और अन्य विषयों को लेकर अमरीका और चीन के संबंध पहले से ही तनावपूर्ण हैं.
पिछले वर्ष राष्ट्रपति ओबामा की चीन यात्रा के पहले दलाई लामा अमरीका में ही थे, लेकिन राष्ट्रपति ओबामा ने चीन यात्रा के बाद उनसे भेंट का निर्णय लिया.
अमरीकी अधिकारियों ने कहा है कि चीन और निर्वासन में बनी तिब्बत की सरकार, दोनों के साथ संबंध बनाए रखना महत्वपूर्ण है. बीजिंग दलाइ लामा को एक पृथकतावादी मानता है.
चीन ने अमरीका को यह चेतावनी ऐसे समय में दी है जब तायवान को अमरीकी शस्त्रों की बिक्री को लेकर चीन, अमरीका से पहले से ही नाराज़ है. चीन, तायवान को अपने से अलग हुआ राष्ट्र मानता है.
शुक्रवार को, तायवान को 6.4 अरब डौलर की अमरीकी अस्त्रों की बिक्री की घोषणा के बाद चीन ने वाशिंगटन के साथ द्विपक्षीय सैनिक संबंध समाप्त कर दिए हैं. बीजिंग ने यह भी कहा है कि वह तायवान को शस्त्र बेचने वाली अमरीकी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाएगा.
इसके
पहले पिछले सप्ताह चीन और दलाई लामा के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई थी. तिब्बत के
दर्जे के बारे में बीजिंग की ओर से बिना किसी समझौते के बैठक समाप्त हो
गई.
दलाई लामा के दो प्रतिनिधि उन्हें इन वार्ताओं के बारे में
बताने वाले हैं जिनका कोई विशेष परिणाम नहीं निकला.